Daan ka Shastriya Swroop

दान का शास्त्रीय स्वरूप मनुष्य का जीवन कर्मप्रधान है और कर्मेन्द्रियों में हाथ का महत्वपूर्ण स्थान है; क्योंकि मनुष्य जीवन में अधिकांश कार्य हाथ से ही सम्पादित होते हैं... Read more »

रक्त दान – Rakt Daan

भारत में दान को सदैव सर्वोपरि माना गया है। कबीर ने कहा है- कर साहिब की बंदगी और भूखे को दो अन्न। प्राचीनकाल से ही दान की महत्ता को... Read more »

नवग्रह के दान- Navgrah ke Daan

ज्योतिषशास्त्र में ग्रहो का अनुकुल्य – प्राप्ति हेतु विभिन्न प्रकार के दान बताये गये है ।  ग्रहों के भिन्न – भिन्न प्रकार के दान कहे गये है, जो संक्षेप... Read more »

दान क्यों और कैसें ? – Daan Kyon or Kaise?

मनुष्य के जीवन में दान का अत्यधिक महत्व बतलाया गया है, यह एक प्रकार का नित्यकर्म है ।  मनुष्य को प्रतिदिन कुछ दान अवश्य करना चाहिये – ‘श्रद्धया देयम्,... Read more »