गीता में ज्योतिष – Geeta me Jyotish

महाप्रलयपर्यन्तं  कालचक्रं  प्रकीर्तितम्। कालचक्रविमोक्षार्थ  श्रीकृष्णं  शरणं व्रज।। ज्योतिष में काल मुख्य है। अर्थात् काल को लेकर ही ज्योतिष चलता हैं। उसी काल को भगवान ने अपना स्वरूप बताया है... Read more »

भूकम्प एवं वैदिक ज्योतिष – एक शोध- Bhookamp or Jyotish

भारत वर्ष या वर्तमान भारत का जन्म लग्न ’मकर’ सर्वसम्मति से मान्य है। आचार्य वराहमिहिर, महर्षि गर्ग, एवं महर्षि नारद ने अपनी संहिताओं में नक्षत्र-मण्डलों का विवेचन करते हुए... Read more »

ज्योतिष: विवाह योग एवं जीवन – vivah yog aur jivan

ज्योतिष: विवाह योग एवं जीवन विवाह एवं वैवाहिक जीवन से व्यक्ति का संपूर्ण अस्तित्व प्रभावित होता है। विवाह के संबंध में अध्ययन के दृष्टिकोण से इस बिंदु को दो... Read more »

ज्योतिष क्या – What is Jyotish?

ज्योतिष क्या? ज्योतिःशास्त्रं समग्रं प्रथमपुरूषतः स्वर्णगब्र्भाद्विदित्वा पूर्व ब्रह्मा ततोयं निखिलमुनिगण प्रार्थनाधच्चकार। तच्चेदं सुप्रसत्रं मृदुपदनिकरैर्गुह्यमध्यात्मरूपम् शश्रवद्विश्रव प्रकाशं ग्रहचरितविदां निर्मलं ज्ञानचक्षुः।। प्राचीनकाल में शास्त्र परम्परानुसार कहा गया है कि चतुर्वेदों के... Read more »