हल्दी के फायदें – Haldi ke Fayde

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हल्दी को रसोई की रानी कहा जाता है। ब्रह्मचारी के हल्दी से रंगे यज्ञोपवीत सिर्फ कोरे दिखावें की चीजें नहीं बल्कि इनका अपना एक वैज्ञानिक महत्व भी है। यह हमें न केवल छूत के रोगों से बचाती है और रक्त परिष्कृत करती है बल्कि नजला-जुकाम भी ठीक करती है तथा त्वचा को आभामयी बनाती हैं। कच्ची हल्दी का रस दस ग्राम लेकर उसमें उतना ही शहद मिलाकर चाट लें। रात को सूखी हल्दी का चूर्ण दो ग्राम लेकर पांच ग्राम शहद से अंगुली से मिलाकर और ऊपर से ठंडा किया हुआ बकरी का दूध पी जायें। निरन्तर तक डेढ़ माह तक इस प्रकार करते रहने पर बार-बार पेशाब का आना, वीर्य का तुरन्त स्खलित हो जाना आदि व्याधियां दूर हो जाती हैं। अरूचि, मन्दाग्नि, बेचैनी, घबराहट, चिड़चिड़ापन आदि कष्ट भी इस प्रयोग से दूर हो जाते हैं। कान में मवाद आते रहने से बहरा होने का खतरा बना रहता है तथा मस्तिष्क पर भी कुप्रभाव पड़ता हैं। इससे दांत, गला और आँखों पर भी कुप्रभाव पड़ता हैं। इसके उपचार के लिये ताजी हल्दी की दो गांठें पीसकर सरसों के तेल में पका लीजिये। इस तेल को छानकर एक शीशी में बंद कर रख दें।

नाक बंद रहना बिगड़े हुए जुकाम का ही एक रूप हैं। ऐसे में एक चम्मच से कुछ अधिक पिसी हुई हल्दी, ढाई सौ ग्राम पानी में उबाल लें। गुनगुने पानी से गरारे कीजिए। अगर संभव हो सके तो नाक में पानी को कुंजल क्रिया के समान खींचिए। इस क्रिया से सुखा हुआ कफ बाहर निकल आता है। हल्दी के चूर्ण को सेहूंड (थूहर) के दूध में घोलकर बवासीर के मस्सों पर लगाते रहने से वे ठीक हो जाते है।

खूनी बवासीर में बकरी के दूध या ताजे पानी के साथ एक चम्मच हल्दी के चूर्ण को निगल लेने से लाभ होता हैं। चरक संहिता में हल्दी को ‘कृमिध्ना’ अर्थात कृमियों को मारने वाली कहा गया हैं। पाँच ग्राम हल्दी में पाँच ग्राम नमक मिलाकर फांक कर पानी पी लेने से पेट के कीड़ो से छुटकारा मिल जाता हैं। साथ ही पेट में गैस की शिकायत नहीं रहती हैं। दांतो में कीड़ा लगने पर हल्दी की गांठ को भून लें और दांत के गढ्ढे में भर दें। दांत के कीड़ो से निजात मिलती है तथा दर्द में आराम मिलता हैं। पीसी हल्दी को शहद में मिलाकर मटर के दाने के समान छोटी-छोटी गोलियाँ बनाकर रख लें। सुबह शाम दो-दो गोली चूसने से खाज-खूजली में लाभ होता है। हल्दी की गांठ रगड़कर एक्जीमा वाले स्थान पर लगाने से वह दूर होता है। दाढ़ी बनाने के बाद पिसी हल्दी को पानी में घोलकर लगाने से चेहरा मुलायम रहता है। हल्दी प्राकृतिक एंटीसैप्टिक का काम करती हैं।

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About the Author: Pushti Mimansa